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Tuesday, 15 October 2013

बुंदेलखंड को अलग राज्‍य बनाना चाहती है B.S.P and B.J.P

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2014 में केंद्र में आने के लिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश से वापसी का रोडमैप तैयार कर लिया है। भाजपा ने बुंदेलखंड को अलग राज्‍य बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। यहां प्रदेश भाजपा के दो दिवसीय कार्यसमिति के समापन समारोह में गुरूवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एंव मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि केन्द्र में भाजपा को वापस लाना है तो पहले उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करना होगा। उमा भारती ने मुलायम सिंह यादव द्वारा भाजप के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की प्रशंसा को मुलायम की राजनीतिक शालीनता बताया। उन्होंने कहा इसका मतलब यह नहीं लगाया नहीं जाना चाहिए कि भाजपा और समाजवादी पार्टी कभी एक दूसरे के नजदीक आ सकते हैं। यूपी में सपा को भाजपा ही समाप्त करेगी। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के तीसरे मोर्चे का सपना कभी पूरा नहीं होगा। केन्द्र में भाजपा की वापसी की लिए जरूरी है कि उत्तर प्रदेश लोकसभा की कुल 80 सीटों में से आधी सीटें जीतनी होंगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं को परिक्रमा नहीं पराक्रम की राजनीति करनी होगी। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव यदि वास्तव में डॉ. लोहिया को मानने वाले हैं तो केन्द्र की भ्रष्टतम मनमोहन सरकार से समर्थन वापस लें। 

क्योंकि डॉ. लोहिया भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते थे। लेकिन मुलायम सिंह यादव जेल जाने के डर से समर्थन वापस नहीं ले रहे हैं। देश की सीमा पर बाहरी खतरों के साथ भीतर नक्सलवाद जैसी आंतरिक समस्याओं ने पैर फैलाए हैं। आतंकवाद के साथ नक्सलवाद को भी समाप्त करना जरूरी है। संजय दत्त का नाम लिए बगैर उमा ने कहा कि कुछ लोग वोट बैंक के लिए अपराधियों की सजा माफ करने की वकालत कर रहे हैं यह देश के लिए घातक है। इस तरह के वोट बैंक की राजनीति करने वालों के स्वार्थ तो पूरे हो जाते हैं लेकिन देश का बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री रहते हुए अरूण शौरी ने एक अध्ययन के आधार पर मुझे बताया था कि शोषित व गरीब क्षेत्रों में माओवाद पनपने की आशंका रहती है। उत्तराखण्ड, बुंदेलखण्ड और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र पिछड़ा, शोषित व गरीब है। इसलिए बुंदेलखण्ड में माओवाद पनपे की आशंका है। उत्तराखण्ड अलग राज्य गठित होने से वहां माओवाद नहीं पनप पाया। भाजपा ने बुंदेलखण्ड में अलग सांगठनिक इकाई गठित कर दिया है। अब भाजपा सत्ता में आई तो बुंदेलखण्ड को अलग राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखण्ड पैकेज में बंदरबांट हुई है। पिछड़े बुंदेलखण्ड के विकास के लिए आए पैसे को हजम करने वालों के हलक में हाथ डाल कर निकालना होगा। जम्मू में सेना के जवान की आंख निकालने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि सेना शौर्य के लिए जानी जाती है ओछी हरकतों के लिए नहीं। उन्होंने भारत को सैन्य व अर्थ महाशक्ति बनाने के लिए काम करने का भी आह्वान किया। बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव विधानसभा पूर्व अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी ने पेश किया। जबकि समर्थन पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने किया। बुंदेलखण्ड पर प्रदेश महामंत्री रामनाथ कोबिंद ने प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने किया। दोनों प्रस्ताव बिना संशोधन के पारित हो गए। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि लोकसभा प्रत्याशियों की सूची मई के अंत तक केन्द्रीय नेतृत्व को भेज दी जाएगी। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि आज के बाद जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष के दौरान जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं के घर का खर्च तथा घायलों के इलजा का खर्च पार्टी उठाएगी। उन्होंने बुंदेलखण्ड के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस सपा और बसपा को जिम्मेदार हैं


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